Viklang Certificate Online Apply: भारत सरकार और राज्य सरकारें दिव्यांगजन (Persons with Disabilities) के लिए समय-समय पर कई प्रकार की योजनाएँ, छात्रवृत्तियाँ, पेंशन और रोजगार से जुड़ी सुविधाएँ प्रदान करती हैं। लेकिन इन सभी सुविधाओं का लाभ केवल उन्हीं दिव्यांगजनों को मिलता है जिनके पास विकलांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate) या यूडीआईडी कार्ड (UDID Card) होता है।
यदि आपके परिवार में कोई भी सदस्य दिव्यांग है और उसका प्रमाण पत्र अभी तक नहीं बना है, तो अब आप इसे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करके प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में हम आपको Viklang Certificate Online Apply 2025 की पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज़, पात्रता, लाभ और स्टेटस चेक करने की जानकारी विस्तार से बताएंगे।
Viklang Certificate Online Apply: Overview
| Type of Card | Disability Certificate / UDID Card |
| Fees | Free (No Charges) |
| Department | Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD), Govt. of India |
| Who Can Apply? | Any person with benchmark disability (40% or more) across India |
| Mode of Application | Online (UDID Portal) & Offline (District Hospital / Facilitation Centre) |
| Issuing Authority | Government Hospital / Medical Board |
| Validity | Permanent (for lifelong disability) / Limited period (for temporary disability) |
| Minimum Disability % | 40% or more (as per RPWD Act, 2016) |
| Official Website | www.swavlambancard.gov.in |
Disability Certificate Kaise Banaye? विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया जाने
हम इस लेख में भारत के सभी दिव्यांग नागरिकों और युवाओं का हार्दिक स्वागत करते हैं। समाज में अक्सर दिव्यांगजन को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं और योजनाओं का लाभ उठाने के लिए सबसे पहला और जरूरी दस्तावेज़ दिव्यांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) है। आप इस दिव्यांग प्रमाण पत्र को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनवा सकते है।
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इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएँगे कि Disability Certificate Kaise Banaye? ताकि आप भी आसानी से अपना प्रमाण पत्र बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। इस लेख में हम आपको विशेष रूप से ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे। इसके लिए बस आपको इस लेख को ध्यानपूर्वक अंत तक पढ़ना होगा।
विकलांग प्रमाण पत्र क्या है?
विकलांग प्रमाण पत्र (Disability Certificate) एक सरकारी दस्तावेज़ है जो किसी व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक विकलांगता को प्रमाणित करता है। यह प्रमाण पत्र केवल मान्यता प्राप्त सरकारी अस्पताल में गठित चिकित्सीय समिति (Medical Board) द्वारा जाँच के बाद जारी किया जाता है।
इस प्रमाण पत्र में दिव्यांगजन की विकलांगता का प्रकार स्पष्ट रूप से दर्ज होता है। वर्तमान में RPWD Act 2016 के अनुसार 21 प्रकार की विकलांगताओं जैसे – दृष्टिहीनता, श्रवण बाधित, मानसिक रोग, ऑटिज्म, लोकोमोटर विकलांगता, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी आदि को मान्यता दी गई है।
इसके साथ ही इसमें विकलांगता का प्रतिशत (Disability Percentage) भी लिखा जाता है। यह प्रतिशत से पता चलता है कि व्यक्ति कितनी गंभीरता से प्रभावित है। सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पाने के लिए सामान्यतः 40% या उससे अधिक की विकलांगता आवश्यक मानी जाती है।
प्रमाण पत्र में यह भी दर्ज होता है कि विकलांगता स्थायी (Permanent) है या अस्थायी (Temporary)। अगर विकलांगता अस्थायी है तो प्रमाण पत्र की एक निश्चित अवधि तक ही वैधता रहती है और बाद में उसका नवीनीकरण कराना पड़ता है। वहीं स्थायी विकलांगता के मामलों में यह प्रमाण पत्र आजीवन मान्य होता है।
सरकार की सभी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति, आरक्षण और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए विकलांग प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यह न केवल दिव्यांगजन की पहचान साबित करता है बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विकलांगता प्रमाण पत्र की मुख्य विशेषताएँ
विकलांगता प्रमाण पत्र एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज़ है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति की विकलांगता का प्रकार, उसकी गंभीरता और वैधता की जानकारी दर्ज होती है। यह प्रमाण पत्र दिव्यांगजन को सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन और आरक्षण जैसी सुविधाओं का लाभ दिलाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 के अनुसार 21 प्रकार की विकलांगताओं को मान्यता प्राप्त है।
- विकलांगता को प्रतिशत में दर्शाया जाता है; सामान्यतः 40% या उससे अधिक की विकलांगता पर ही सरकारी लाभ मान्य होता है।
- प्रमाण पत्र में यह दर्ज होता है कि विकलांगता स्थायी है या अस्थायी।
- अस्थायी विकलांगता होने पर प्रमाण पत्र की एक निश्चित अवधि होती है, जबकि स्थायी विकलांगता पर आजीवन प्रमाण पत्र दिया जाता है।
- यह प्रमाण पत्र केवल सरकारी अस्पतालों में गठित चिकित्सीय समिति/मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया जाता है।
- सभी सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति और आरक्षण का लाभ लेने के लिए यह प्रमाण पत्र जरूरी है।
Eligibility for Disability Certificate/ UDID Card
Disability Certificate या UDID Card प्राप्त करने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। केवल उन्हीं दिव्यांगजनों को यह प्रमाण पत्र दिया जाता है, जो इन शर्तों को पूरा करते हैं। इसकी पात्रता की मुख्य जानकारी नीचे दी गई हैं:
- भारत का नागरिक होना आवश्यक है।
- किसी भी प्रकार की मान्यता प्राप्त विकलांगता (RPWD Act 2016 के अनुसार 21 श्रेणियों में से) होनी चाहिए।
- विकलांगता का प्रतिशत सामान्यतः 40% या उससे अधिक होना चाहिए।
Benefits of a Disability Certificate
विकलांग प्रमाण पत्र धारक को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है, जैसे:
- दिव्यांग पेंशन योजना
- छात्रवृत्ति (Scholarship)
- रेल और बस किराए में छूट
- सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण
- आयकर में छूट
- सहायक उपकरण (व्हीलचेयर, कृत्रिम अंग आदि) पर सब्सिडी
- स्वरोजगार के लिए आसान ऋण सुविधा
- टोल टैक्स पर छूट (फास्टैग के साथ)
- बेरोजगारी भत्ता (शिक्षित दिव्यांगों के लिए)
UDID कार्ड क्या है?
UDID (Unique Disability ID Card) दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (Department of Empowerment of Persons with Disabilities) द्वारा जारी किया गया एक यूनिक आईडी कार्ड है।
इसके माध्यम से दिव्यांगजनों की पहचान और उनके आंकड़े पूरे देश में Centralized रूप से उपलब्ध रहते हैं।
UDID कार्ड के उद्देश्य निम्नलिखित है:
- पूरे देशभर में एक ही कार्ड से पहचान और सुविधा उपलब्ध कराना।
- सभी योजनाओं का लाभ एक कार्ड से सुनिश्चित करना।
- डेटा का दोहराव रोकना और आसान ट्रैकिंग करना।
- ऑनलाइन आवेदन, नवीनीकरण और अपडेट की सुविधा।
Documents Required for Disability Certificate/UDID Card
Viklang Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको निम्न दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- आधार कार्ड / पहचान पत्र
- आवासीय प्रमाण पत्र
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज फोटो
- हस्ताक्षर (Signature)
- ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर
- यदि पहले से कोई विकलांगता प्रमाण पत्र है तो उसकी कॉपी
How To Apply Online for Disability Certificate?
अगर आप घर बैठे ही Disability Certificate या UDID Card के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया अब बहुत आसान हो गई है। नीचे दिए गए स्टेप्स को ध्यानपूर्वक फॉलो करके आप आसानी से Disability Certificate Online Apply 2025 कर सकते हैं:
- Disability Certificate Online Apply करने के लिए सबसे पहले UDID की आधिकारिक वेबसाइट www.swavlambancard.gov.in पर जाएँ।

- ऑफिसियल वेबसाईट के होम पेज पर आपको “Apply for Disability Certificate & UDID Card” का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें।

- क्लिक करने के बाद आपके सामने Registration Form खुल जाएगा। इसमें मांगी गई सभी जानकारी जैसे: नाम, जन्मतिथि, पता, विकलांगता का प्रकार आदि सही-सही भरें।
- उसके बाद आप इसमें मांगी गई सभी आवश्यक दस्तावेज़ (आधार कार्ड, फोटो, हस्ताक्षर, निवास प्रमाण आदि) स्कैन करके अपलोड करें।
- सभी आवश्यक जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद Final Submit पर क्लिक करें।
- सबमिट करने के बाद आपको एक Application Number मिलेगा। इसे प्रिंट या नोट करके सुरक्षित रख लें। यही नंबर भविष्य में Application Status Check करने के लिए काम आएगा।
- आवेदन स्वीकार होने के बाद आपको जिला अस्पताल/मेडिकल बोर्ड के सामने जाँच हेतु बुलाया जा सकता है।
- उसके बाद जाँच पूरी होने पर आपका विकलांगता प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
How to Check Disability Certificate / UDID Card Application Status Online 2025?
यदि आपने Disability Certificate या UDID Card के लिए आवेदन किया है, और उसकी Application Status जानना चाहते है तो बता दे की आवेदन की स्तिथि जानना बहुत आसान है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- Application Status Check करने के लिए सबसे पहले UDID की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ।

- उसके बाद आपको होम पेज पर मौजूद “Track Your Application Status” लिंक पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी।
- यहाँ आप Enrollment Number, UDID Number, Request Number, Aadhaar Number या Mobile Number में से कोई भी एक विकल्प भर सकते हैं।
- मांगे गये सभी आवश्यक जानकारी भरने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें।
- अब आपके सामने आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति (Application Status) स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी।
Offline Application Process for Viklang Certificate Apply
यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, तो विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए ऑफलाइन आवेदन करना भी संभव है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- सबसे पहले अपने नजदीकी सिविल सर्जन कार्यालय, जिला अस्पताल या पंचायत सुविधा केंद्र पर जाएँ।
- उसके बाद आप वहां से आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।
- अब आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी भरें और संबंधित दस्तावेज़ों के साथ जमा करें।
- इसके बाद मेडिकल बोर्ड द्वारा आपका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
- जांच पूरी होने के बाद विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
निष्कर्ष
Viklang Certificate (विकलांग प्रमाण पत्र) दिव्यांगजन के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। इसके बिना सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन और आरक्षण का लाभ नहीं लिया जा सकता। अब सरकार ने इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन (UDID पोर्टल) पर कर दी है, जिससे आप घर बैठे ही आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
अगर आपके परिवार में कोई भी सदस्य दिव्यांग है और अब तक उसका प्रमाण पत्र नहीं बना है, तो आज ही Viklang Certificate Online Apply करें और सभी सरकारी लाभ प्राप्त करें।
आपको अगर आज के यह लेख उपयोगी लगा है, तो आप इसे अपने दोस्तों और परिजनों के साथ में शेयर जरूर करें, ताकि वह भी इस विकलांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करके इसका लाभ प्राप्त कर सके। इस लेख से जुड़ी कोई भी प्रश्न हो तो आप हमसे नीचे के कॉमेंट बॉक्स में पूछ सकते है।
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FAQs’ – Viklang Certificate
विकलांग प्रमाण पत्र क्या है?
विकलांग प्रमाण पत्र एक सरकारी दस्तावेज़ है जो किसी व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक विकलांगता को प्रमाणित करता है। यह प्रमाण पत्र केवल सरकारी अस्पताल या मेडिकल बोर्ड द्वारा जाँच के बाद जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र के जरिए दिव्यांगजन विभिन्न सरकारी योजनाओं, पेंशन, छात्रवृत्ति और रोजगार में सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
विकलांग प्रमाण पत्र किसके लिए जारी किया जाता है?
यह प्रमाण पत्र उन व्यक्तियों के लिए जारी किया जाता है जिनकी विकलांगता RPWD Act 2016 के तहत मान्यता प्राप्त 21 प्रकारों में आती है। इसमें दृष्टिहीनता, श्रवण बाधित, मानसिक रोग, ऑटिज्म, लोकोमोटर विकलांगता और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी विकलांगताएँ शामिल हैं।
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए पात्रता क्या है?
भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। विकलांगता की गंभीरता कम से कम 40% होनी चाहिए। विकलांगता RPWD Act 2016 के तहत मान्यता प्राप्त श्रेणियों में होनी चाहिए।
Disability Certificate कैसे बनवाया जा सकता है?
विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से बनवाया जा सकता है। ऑनलाइन के लिए UDID पोर्टल www.swavlambancard.gov.in पर आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन के लिए जिला अस्पताल या सुविधा केंद्र में जाकर फॉर्म भरना होगा।
UDID कार्ड क्या है?
UDID (Unique Disability ID) कार्ड दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी किया गया एक यूनिक आईडी कार्ड है। यह कार्ड पूरे देश में दिव्यांगजन की पहचान और सरकारी लाभ सुनिश्चित करने के लिए उपयोग होता है।
विकलांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो, हस्ताक्षर, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है। यदि पहले से कोई प्रमाण पत्र है, तो उसकी कॉपी भी अपलोड करनी होती है।
विकलांग प्रमाण पत्र की वैधता कितनी होती है?
स्थायी विकलांगता वाले मामलों में प्रमाण पत्र आजीवन मान्य होता है। अस्थायी विकलांगता में प्रमाण पत्र की अवधि सीमित होती है और नवीनीकरण कराना पड़ता है।
Viklang Certificate से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?
दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति, रेलवे और बस में छूट, सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण, आयकर में छूट, सहायक उपकरण पर सब्सिडी, स्वरोजगार हेतु आसान ऋण और टोल टैक्स पर छूट जैसे लाभ मिलते हैं।
विकलांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
UDID पोर्टल पर जाएँ, “Apply for Disability Certificate & UDID Card” पर क्लिक करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज़ अपलोड करें और Final Submit करें। आवेदन संख्या प्राप्त करें और मेडिकल बोर्ड जाँच के लिए बुलाए जाने तक प्रतीक्षा करें।
आवेदन करने के बाद स्थिति कैसे जांचें?
UDID पोर्टल पर “Track Your Application Status” लिंक पर क्लिक करें। Enrollment Number, UDID Number, Aadhaar Number या मोबाइल नंबर दर्ज करें और Submit करें। आपकी आवेदन स्थिति स्क्रीन पर दिखाई देगी।
Disability Certificate के लिए ऑनलाइन आवेदन का शुल्क कितना है?
विकलांग प्रमाण पत्र या UDID कार्ड के लिए आवेदन पूरी तरह से निशुल्क है। किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता।
विकलांग प्रमाण पत्र के लिए मेडिकल बोर्ड का क्या रोल है?
मेडिकल बोर्ड प्रमाणित करता है कि व्यक्ति में कितनी प्रतिशत विकलांगता है और उसका प्रकार क्या है। बोर्ड की जाँच के बाद ही प्रमाण पत्र जारी होता है।
अगर मेरा प्रमाण पत्र खो जाए तो क्या करें?
आप UDID पोर्टल पर लॉगिन कर पुराने प्रमाण पत्र को डाउनलोड कर सकते हैं। यदि यह ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, तो संबंधित जिला अस्पताल या सुविधा केंद्र में आवेदन कर दोबारा प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।
क्या Disability Certificate केवल सरकारी अस्पताल में बनता है?
हाँ, यह प्रमाण पत्र केवल सरकारी अस्पतालों और उनके मेडिकल बोर्ड के माध्यम से ही जारी होता है। निजी अस्पतालों से जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होते।
विकलांग प्रमाण पत्र में कितनी प्रतिशत विकलांगता होनी चाहिए?
सरकारी लाभ पाने के लिए सामान्यतः कम से कम 40% की विकलांगता आवश्यक है। 40% से कम विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए कुछ विशेष योजनाओं का लाभ सीमित हो सकता है।
क्या विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक विकलांग प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं?
वर्तमान में विकलांग प्रमाण पत्र और UDID कार्ड केवल भारत में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ही जारी किए जाते हैं। विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया अलग हो सकती है।
Viklang Certificate अपडेट कैसे करें?
अगर आपकी जानकारी या दस्तावेज़ बदल गए हैं, तो आप UDID पोर्टल पर लॉगिन करके अपडेट कर सकते हैं। आवश्यक डॉक्युमेंट अपलोड करने के बाद आवेदन को Submit करना होगा।
क्या बच्चों के लिए भी विकलांग प्रमाण पत्र बनता है?
हाँ, 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए भी विकलांग प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है। इसके लिए माता-पिता या अभिभावक आवेदन कर सकते हैं।
Viklang Certificate में दर्ज स्थायी और अस्थायी का अर्थ क्या है?
स्थायी विकलांगता का अर्थ है कि व्यक्ति जीवन भर प्रभावित है, जबकि अस्थायी विकलांगता में प्रमाण पत्र एक निश्चित अवधि तक ही वैध होता है और बाद में नवीनीकरण कराना आवश्यक होता है।
विकलांग प्रमाण पत्र आवेदन करने के बाद कितने दिन में मिलता है?
आवेदन के बाद मेडिकल बोर्ड जाँच पूरी होने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। सामान्यतः यह प्रक्रिया 30 से 60 दिन तक समय ले सकती है, यह मेडिकल बोर्ड और जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है।
