Bihar Farmer ID Big Update: अब बिना आईडी भी PM Kisan योजना का पैसा आएगा, लाखों किसानों को मिली बड़ी राहत

Bihar Farmer ID Big Update:- बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है. राज्य सरकार ने फार्मर आईडी (Farmer ID) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है. पहले यह कहा जा रहा था कि फार्मर आईडी के बिना किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Yojana) और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा. लेकिन अब विभाग की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आया है कि फार्मर आईडी के बिना भी किसान सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे, जिसमें पीएम किसान योजना शामिल है.

यह अपडेट Bihar Farmer ID Big Update विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिनकी जमीन पूर्वजों के नाम पर दर्ज है और इस वजह से वे फार्मर आईडी नहीं बना पा रहे थे. इस लेख में हम इस अपडेट के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे, जिसमें कारण, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, लाभ और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल शामिल हैं.

Bihar Farmer ID Big Update – Highlights

आर्टिकल का नामBihar Farmer ID Big Update
बिभाग का नाम कृषि बिभाग, बिहार सरकार 
पोर्टल का नामAgri Stack
किसके द्वारा शुरू किया गयाबिहार सरकार
कौन अप्लाई कर सकता है?राज्य के सभी किसान भाई 
रजिस्ट्रेशन का तरीका ऑनलाइन 
विशेष अभियान चालू है.
रजिस्ट्रेशन शुल्क कोई शुल्क नहीं है बिलकुल फ्री 
राज्यबिहार
केटेगरीSarkari Yojana
ऑफिसियल वेबसाइटbhfr.agristack.gov.in

बिहार किसान आईडी बड़ा अपडेट 2026: अब बिना आईडी भी PM Kisan योजना का पैसा आएगा, लाखों किसानों को मिली बड़ी राहत – Bihar Farmer ID New Update

बिहार, जो भारत का एक प्रमुख कृषि प्रधान राज्य है, जहां लाखों किसान अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं. यहां की सरकार समय-समय पर किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए नई योजनाएं और अपडेट लाती रहती है. हाल ही में, बिहार सरकार ने Bihar Farmer ID से जुड़े एक बड़े अपडेट की घोषणा की है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो रही है. फार्मर आईडी, जिसे आधिकारिक रूप से ‘किसान रजिस्ट्री आईडी’ के नाम से जाना जाता है, बिहार सरकार द्वारा किसानों की पहचान के लिए जारी की जाने वाली एक यूनिक आईडी है.

इस अपडेट के तहत, अब बिना फार्मर आईडी के भी किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM KISAN) योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे. पहले यह अफवाह थी कि फार्मर आईडी न होने पर योजनाओं से वंचित रहना पड़ेगा, लेकिन अब आधिकारिक रूप से स्पष्ट कर दिया गया है कि ऐसा नहीं होगा.

Bihar Farmer ID Big Update

पहले, इस आईडी को बनवाने के लिए किसान के नाम पर जमीन का होना अनिवार्य था, लेकिन बिहार की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति को देखते हुए यह नियम किसानों के लिए बाधा बन रहा था. बिहार में अधिकांश जमीनें पूर्वजों के नाम पर रजिस्टर्ड होती हैं, जिससे वर्तमान किसानों को अपनी पहचान साबित करने में कठिनाई होती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह बड़ा अपडेट लाया गया है.

बिहार फार्मर आईडी क्या है?

फार्मर आईडी बिहार सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक यूनिक आईडी है, जो किसानों की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है. यह आईडी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद करता है, जैसे कि पीएम किसान योजना, कृषि सब्सिडी, फसल बीमा और अन्य किसान कल्याण कार्यक्रम. फार्मर आईडी का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक डिजिटल पहचान प्रदान करना है, जिससे योजनाओं का वितरण पारदर्शी और आसान हो सके.

बिहार में यह आईडी कृषि विभाग के तहत जारी की जाती है और फार्मर आईडी की अवधारणा केंद्र सरकार के ‘AgriStack’ प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश भर के किसानों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है. बिहार में यह आईडी bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh वेबसाइट के माध्यम से जारी की जाती है.

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Bihar Farmer ID New Update: बिना फार्मर आईडी के भी योजनाओं का लाभ

  • 19 फरवरी 2026 को बिहार कृषि विभाग ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि फार्मर आईडी न होने पर भी किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा.
  • कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि विभाग ने किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है.
  • पहले की अफवाहों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि पीएम किसान योजना की किस्तें, जो सालाना 6,000/- रुपये की होती हैं, बिना आईडी के भी जारी की जाएंगी
  • यह अपडेट बिहार के लाखों किसानों के लिए एक बड़ी राहत है. राज्य में लगभग 1.5 करोड़ किसान हैं, और इनमें से कई ऐसे हैं जो जमीन के दस्तावेजों की कमी या वंशावली संबंधित मुद्दों के कारण आईडी नहीं बना पा रहे थे.
  • अब, विभाग ने आधिकारिक नोटिस जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि आईडी अनिवार्य नहीं है, बल्कि यह एक अतिरिक्त सुविधा है जो भविष्य की योजनाओं में मदद करेगी.

अपडेट का बैकग्राउंड और कारण क्या है?

बिहार की कृषि व्यवस्था में कई चुनौतियां हैं. यहां की जमीनें अक्सर पुश्तैनी होती हैं, यानी दादा-परदादा के नाम पर रजिस्टर्ड. वर्तमान किसान, जो खेती कर रहे हैं, उनके नाम पर दस्तावेज न होने से वे आईडी नहीं बना पाते थे. इससे वे सरकारी योजनाओं से वंचित महसूस कर रहे थे. विभाग ने सर्वेक्षण के आधार पर पाया कि राज्य के 40-50% किसान इस समस्या से प्रभावित हैं.

इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी, इंटरनेट की पहुंच न होना और दस्तावेजों की जटिलता भी आईडी बनवाने में बाधा थी. इन सभी मुद्दों को देखते हुए सरकार ने नियमों में बदलाव किया.

अब, वंशावली (लाइनेज) के आधार पर भी आईडी बनवाई जा सकती है. वंशावली का मतलब है कि यदि जमीन पूर्वजों के नाम पर है, तो किसान अपनी वंशावली साबित करके आईडी प्राप्त कर सकता है. यह बदलाव विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद है.

Bihar Farmar ID नियमों में बदलाव: पुराने vs नए नियम

पुराने नियम:-

  • बिहार फार्मर ID केवल उन किसानों को मिलती थी जिनकी जमीन उनके खुद के नाम पर रजिस्टर्ड होती थी.
  • दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन का रसीद और फोटो की जरूरत होती थी.
  • पूर्वजों के नाम पर जमीन वाले किसान ID से वंचित रहते थे.
  • इससे पीएम किसान जैसी योजनाओं में देरी या अस्वीकृति की शिकायतें बढ़ रही थीं.

नए नियम:-

  • वंशावली आधारित रजिस्ट्रेशन शुरू: अब किसान अपनी वंशावली के दस्तावेज (जैसे जन्म प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर आदि) दिखाकर किसान ID बना सकते हैं.
  • आईडी अनिवार्य नहीं: योजनाओं का लाभ लेने के लिए ID जरूरी नहीं, लेकिन इसे बनवाना सलाह दी जाती है.
  • आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड उपलब्ध.
  • विभाग ने कैंप लगाकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शुरू किया है.

Bihar Farmer ID का लाभ और महत्व

  • पीएम किसान योजना का लाभ बिना फार्मर आईडी के भी 6,000/- रुपये की वार्षिक सहायता मिलेगी.
  • अन्य सरकारी योजनाओं तक पहुंच होगी, जैसे फसल बीमा, कृषि ऋण, सब्सिडी आदि योजनाओं से वंचित नहीं रहेंगे.
  • और ग्रामीण किसानों, विशेष रूप से वंचित वर्गों के लिए राहत है, जो भूमि रिकॉर्ड की समस्याओं से जूझ रहे हैं.
  • बिहार राज्य में फार्मर आईडी बनवाने से भविष्य में योजनाओं का लाभ और आसान हो जाएगा, लेकिन यह अब अनिवार्य नहीं है.

बिहार फार्मर आईडी के लिए आवेदन प्रक्रिया?

किसान अपनी सुविधा के अनुसार तीन मुख्य तरीकों से फार्मर आईडी के लिए आवेदन कर सकते हैं. आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में उपलब्ध है. –

  1. ऑनलाइन सेल्फ-एप्लीकेशन:- किसान खुद आधिकारिक वेबसाइट bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. यहां रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें.
  2. कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से:- निकटतम CSC केंद्र पर जाकर Bihar Farmer ID के लिए ऑनलाइन आवेदन करें. CSC ऑपरेटर आपकी मदद करेंगे और प्रक्रिया को आसान बनाएंगे. CSC सेंटर पर आपको मामूली शुल्क (50-100 रुपये) देना पड़ सकता है.
  3. किसान सलाहकार/समन्वयक/स्थानीय कर्मचारी या कैंप के माध्यम से:- किसान सलाहकार, समन्वयक, स्थानीय कृषि कर्मचारी से संपर्क करें या आयोजित कैंप में जाकर आवेदन करें. यह तरीका विशेष रूप से उन किसानों के लिए उपयोगी है जो तकनीकी रूप से कम साक्षर हैं.

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक पासबुक, भूमि दस्तावेज (यदि उपलब्ध हो) और वंशावली प्रमाण पत्र शामिल हो सकते हैं. प्रक्रिया पूरी होने के बाद फार्मर आईडी जारी की जाएगी.

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FAQ’s – Bihar Farmer ID New Update

बिहार फार्मर आईडी का बड़ा अपडेट क्या है?

उत्तर: बिहार सरकार ने घोषणा की है कि बिना फार्मर आईडी के भी किसान PM Kisan योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे.

क्या PM Kisan योजना का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य है?

नहीं, अब बिना फार्मर आईडी के भी PM Kisan का लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने इसकी पुष्टि की है.

जिनकी जमीन पूर्वजों (बाप-दादा) के नाम पर है, उन्हें क्या फायदा मिलेगा?

ऐसे किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत है. अब वंशावली (lineage) के आधार पर भी फार्मर आईडी बनाई जा सकती है और लाभ मिलेगा.

फार्मर आईडी न बनवाने पर क्या नुकसान था पहले?

पहले अफवाह थी कि फार्मर आईडी न होने पर योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा नहीं होगा.

फार्मर आईडी बनवाने का मुख्य लाभ क्या है?

भविष्य की योजनाओं, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और अन्य कृषि सुविधाओं के लिए उपयोगी है, हालांकि वर्तमान PM Kisan के लिए जरूरी नहीं.

फार्मर आईडी बनवाने के लिए कौन पात्र है?

बिहार का कोई भी किसान (18 वर्ष से अधिक उम्र), चाहे जमीन उसके नाम पर हो या पूर्वजों के नाम पर.

क्या फार्मर आईडी बनवाना अभी भी जरूरी है?

PM Kisan के लिए नहीं, लेकिन भविष्य की योजनाओं और बेहतर लाभ के लिए हां, सरकार इसे प्रोत्साहित कर रही है.

फार्मर आईडी बनाने का अभियान कब तक चलेगा?

कोई सख्त अंतिम तिथि नहीं है, कार्य निरंतर चल रहा है और कैंप लगाए जा रहे हैं.

अगर फार्मर आईडी नहीं बनी तो PM Kisan की अगली किस्त आएगी?

हाँ, कृषि मंत्री की घोषणा के अनुसार बिना आईडी के भी 22वीं किस्त सहित लाभ मिलेगा.

vikash

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